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Logo Ke Sath Meetha Kaise Bole?

    कहने के लिए सही शब्द ढूँढ़ना, यहाँ तक कि रोज़मर्रा की बातचीत में भी, कभी-कभी एक चुनौती से भरा काम हो सकता है। कहा जाता है कि किसी इंसान की पहचान उसके बातचीत करने के ढंग से पता चलती है और यह बिल्कुल सहीं बात भी है, आप भी अपनी रोज़मर्रा की Daily Routines में कई ऐसे व्यक्तियों से मुलाकात करते होंगे जिनके साथ बैठकर और उनकी बातों को ध्यान से सुनने से ऐसा प्रतीत होता है, जैसे उनके द्वारा कही जा रही बातों से मोती बरस रहें हो, मानों जैसे की हम उनकी कही बातों को सारा समय बिना बोर हुए बैठकर सुन भी सकते हैं, इसीलिए क्या आप भी मीठा कैसे बोले? In HINDI और Logo Se Apni Baat Kaise Manwaye? के बारे में जानना चाहते हैं, अगर हां तो मैं आज के इस लेख में How To Speak Sweetly With People In Hindi या कहे तो Logo Ke Sath Meetha Kaise Bole और साथ ही लोगों को अपनी बातों से कैसे Convince करें? के बारे में बताने वाला हूं

    अगर आप भी इन सब बातों के बारे में समझना चाहते हैं तो इस लेख को अंत तक पढ़ते रहिए

    Logo Ke Sath Meetha Kaise Bole
    Logo Ke Sath Meetha Kaise Bole

    Table of Contents

    Logo Ke Sath Meetha Kaise Bole?

    बोलने से पहले दूसरों की सुनें:

    हमे ऐसा लगता है कि अच्छा बोलना सिर्फ Normally बोलना ही होता है। लेकिन “स्पष्ट और सुसंगत होना भी एक उपाय है कि आप एक Listner के रूप में कितने अच्छे हैं। यदि आप चर्चा की जा रही बात को नहीं समझते हैं तो आपको सुसंगत नहीं माना जाएगा। इसलिए, उन्हें अच्छी तरह से सुनें। “और फिर ध्यान से उनका जवाब दें। यह उनके लिए Respect का संकेत है

    ऊंचा बोले:

    आपको पर्याप्त तीव्रता के साथ बात करने में सक्षम होना चाहिए ताकि 15-20 फीट दूर कोई भी व्यक्ति आपको स्पष्ट रूप से समझ सके।इस तीव्रता से बात करने का अभ्यास करें ताकि लोग आपको स्पष्ट रूप से समझ सकें और आप जो कह रहे हैं उसका पालन कर सकें, जिससे स्वयं पर अनुकूल ध्यान आकर्षित हो सके।

    “Umm” जैसे Filler शब्दों से छुटकारा पाएं:

    “Umm” के कार्यों में से एक यह है कि आप अपने दर्शकों को बताएं कि आपने अभी तक बात नहीं की है और आपको अपने विचारों को इकट्ठा करने की आवश्यकता है।  इनसे छुटकारा पाने का सबसे अच्छा तरीका है। स्वयं की रिकॉर्डिंग को सुनना, अपने ट्रिगर बिंदुओं को सीखना, और उन शब्दों का उपयोग करने से अपने तरीके को Trained करना है। क्योंकि Umm जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने से हम सामने वाले को यह यकीन दिला देते हैं की हम बात करने में थोड़ा झिझक रहे हैं तो इससे सामने खड़ा इंसान आपकी बातों से Impress नही हो पाएगा। इस आदत पर काम करके आपको इसे सुधारना चाहिए।

    Logo Se Apni Baat Kaise Manwaye? | How To Convince People’s Mind In Hindi

    अच्छे Connections बनाएं:

    किसी को अपना विचार बदलने के लिए मनाने के लिए सबसे पहले आपको उसके साथ संबंध बनाना होगा। बातचीत में, आप आसानी से दूसरे व्यक्ति से जुड़ने के लक्ष्य को भूल सकते हैं और कभी-कभी उनके साथ सहयोग कर सकते हैं। इसलिए, पहले Connect करने का लक्ष्य रखें। आप ऐसा कैसे कर सकते हैं? उनकी Needs, Wants और चिंता को समझने की कोशिश करें। आपको यह जानना होगा कि उस व्यक्ति के लिए क्या महत्वपूर्ण है। समझाने से पहले समझने की कोशिश करो।

    लोगों को दिखाएं कि आप वास्तव में उनकी और उनकी जरूरतों की परवाह करते हैं:

    अगर आप ये चाहते हैं की लोग आपके कहे अनुसार ही काम करें तो सबसे पहले तो आपको उन्हें ये दिखाना होगा की आप उनकी कितनी परवाह करते हैं, उनकी जरूरतों की कितनी ज्यादा कदर करते हैं, ऐसा करने से उनके अंदर आपके लिए एक Positive Image बनेगी, जो की आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी।

    लोगों को आप पर भरोसा करने का एक कारण दें:

    लोगों को यह विश्वास हो जाने के बाद कि आप उनकी परवाह करते हैं, वे यह देखना शुरू कर देंगे कि क्या वे आप पर भरोसा कर सकते हैं। लेकिन यह उनके लिए और भी गहरा होगा। जैसा कि आप इसे पढ़ रहे हैं, निश्चित रूप से आपके Listeners Internal रूप से सवाल कर रहे होंगे कि क्या उन्हें आप पर भरोसा करना चाहिए।

     लोगों को आपके साथ काम करने में सहज महसूस करने की जरूरत है और आप खुद को उनके सामने कैसे पेश करते हैं। वे यह तय करने के लिए Internally और Externally Support, Validator या पुष्टि के अन्य साधनों की तलाश करेंगे कि क्या उन्हें आप पर भरोसा करना चाहिए और अगर हां तो कितना?

    उन्हें अपनी बातों से Motivate करें:

    आप उन्हें अपने विचारों से प्रेरित (Motivate) कर सकते हैं। लोगों को अपना विचार बदलने में मदद करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले उन्हें दिखाया जाए कि आप कैसे सही हैं। इस तरह वे आपसे अधिक जुड़ाव महसूस करते हैं। आपके द्वारा सुझाए गए काम को करने में उन्हें खुशी महसूस कराएं। शब्दों के माध्यम से प्रेरित करने से व्यक्ति को आसानी से समझाने में मदद मिलती है। आप उन्हें वह करने के लिए कई कारण बता सकते हैं जो आप उनसे करना चाहते हैं।

    मृदुभाषी (Soft Spoken) होने के फायदे In Hindi | Advantages Of Speaking Sweetly With Others In Hindi

    विश्वास में बढ़ोतरी:

    दूसरों को सुनने, विकल्पों/राय पर चर्चा करने और बातचीत को गले लगाने की क्षमता दूसरों को दर्शाती है कि आप अपने समूह या व्यवसाय के लिए सर्वोत्तम निर्णय लेना चाहते हैं। Soft Spoken होने से एक कर्मचारी और उनके प्रबंधक के बीच विश्वास भी पैदा करता है क्योंकि वे कार्यों को पूरा करते हैं, राय और विचार देते हैं, और अपने लिए लक्ष्य निर्धारित करते हैं।

    बेहतर संबंध:

    यह आपके Personal और Professional Life दोनों में काम आता है! लेकिन कार्यस्थल में, कोई जो कह रहा है उसे सुनना, प्रतिक्रिया देना, सुझाव देना या केवल एक ईमेल का उत्तर देना आपसी सम्मान को प्रदर्शित करता है और लोगों को सुनने व समझने में मदद भी करता है।

    उपरोक्त के साथ-साथ, आपके Business के सबसे बड़े हिस्सों में से एक Customer का Retention और उनके द्वारा दिया जा सकने वाला Refferal है, और यदि आप अपने Customer पर उनके द्वारा आपके साथ किए गए अच्छी और Soft Communication के कारण सकारात्मक प्रभाव डालते हैं – तो उनका Refferal बेहतर होगा और अधिक संभावना है कि वे आपके साथ रहेंगे।

    समस्या को सुलझाने में मदद:

    Soft Spoken होने से समस्याओं को हल करने और रोकने के सबसे महत्वपूर्ण भागों में से एक है। आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी कर्मचारियों की बात सुनी जाए और इसमें शामिल सभी लोगों को बोलने का मौका मिले, और एक ऐसा समाधान निकाला जाए जिससे सभी सहमत हों और समस्या का समाधान करें।

    Productivity और Engagement बढ़ाता है:

    कर्मचारियों को आत्मविश्वास के साथ काम कराने के लिए उपकरण प्रदान करके ताकि वे जान सकें कि उनसे क्या अपेक्षा की जा सकती है, वे पूरी ईमानदारी से अपने काम और कार्यस्थल से जुड़ने की अधिक संभावना रखते हैं। क्या अधिक है कि जो कर्मचारी अपनी भूमिकाओं में लगे हुए हैं और अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों की अच्छी समझ रखते हैं, वे कार्यस्थल के अन्य मुद्दों और Distractions से हटे हुए होते हैं और अपने कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, इसलिए इसके कारण Productivity और Engagement दोनो बढ़ रही है।

    कड़वा बोलने के नुकसान In Hindi | Disadvantages Of Speaking Badly With Others In Hindi | Kadwa Bolne Ke Nuksan Kya Hai?

    आपसी Relations ख़राब होना:

    कड़वा बोलने से सबसे पहले आप देखेंगे कि जिस भी इंसान के साथ आप कड़वी बातें करेंगे उसके साथ आपके संबंध (Relations) धीरे – धीरे ख़राब होने लग जाएंगे, क्योंकि आपके हिसाब से आप जो भी बोल रहे हो लेकिन उसके लिए आपके कड़वे बोल बिल्कुल असहनीय होते हैं जिससे की वो इंसान आपसे जितना दूर रह सके उतना दूर रहने की कोशिश करेगा, जो की आपके लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है क्योंकि इससे धीरे – धीरे आप खुद भी अकेले पड़ जाएंगे।

    समाज में सम्मान खराब होना:

    अब धीरे – धीरे आप ये देखेंगे की लोगों के साथ कड़वा बोलना आपको कितना ज़्यादा महंगा पड़ने लगेगा जब धीरे धीरे आप कड़वा बोलने की वजह से हर एक इंसान की नजरों में गिरते चले जाओगे, जिससे की आपका सम्मान पूरे समाज में खराब होता चला जाएगा जो की कड़वा बोलने का सबसे बड़ा Disadvantage भी माना जा सकता है।

    खुद की नजरों में भी गिरने लगोगे:

    जब तक आपको ये एहसास होने लगेगा की कड़वा बोलने की आदत से अब पूरा समाज ही आपके Opposite हो चुका है तो ऐसे में आप भी अब खुद को कोसना शुरू कर देंगे और खुद को अपनी ही नजरों में गिराना चालू करने लगोगे, फिर जिससे की सबसे बड़ा प्रभाव आपके Mental Stress पर पड़ेगा, चिंताओं का घेरा और अनेकों प्रश्नों के सवाल आपको परेशान करने लगेंगे जो की बेहद ही गलत है।

    संगति पर भी खराब असर पड़ेगा:

    यदि इतना कुछ होने के बावजूद भी कोई एक-दो इंसान आपकी संगति में अभी भी मौजूद हैं तो इससे उनका भी काफी ज्यादा नुकसान होना संभव है क्योंकि वो आपकी संगत में हैं जो हमेशा एक कड़वा बोलने वाला व्यक्ति है, आपके साथ रह कर वे लोग भी ठीक आपके जैसे ही होना शुरू हो जाएंगे, और फिर धीरे धीरे उनके साथ भी वही सब होगा जो आपके साथ होता आ रहा है।

    निष्कर्ष:

    आज के इस लेख में हमने आज जाना की आप मीठा कैसे बोले In HINDI या फिर Logo Ke Sath Meetha Kaise Bole के इस Article में मैने आपको बताया कि आज के समय में आप लोगों को अपनी बातों से कैसे Convince करें? जो की बेहद कारगर तरीके मैने आप सबको बताए हैं जिन्हे आप ज़रूर से अपनाकर फायदे देख सकते हैं, और वही (Soft Spoken) होने के फायदे In Hindi और कड़वा बोलने के नुकसान In Hindi के बारे में भी काफी सरलता से समझाया है, इसीलिए आज का यह लेख अब बस यही पर ही समाप्त होता है, अगर अब भी आपके दिमाग में किसी भी प्रकार का कोई भी प्रश्न उत्पन्न हो रहा है या फिर आप हमें किसी भी प्रकार की कोई भी सलाह देना चाहते हैं तो Comment करके हमें जरूर दे सकते हैं।

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