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How To Control Your Anger in Hindi | Gusse Ko Control Kaise Kare

    अपने गुस्से को नियंत्रित करने में पीछे रहने से कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं जैसे कि आपको पछतावा होना, अपने बच्चों पर चिल्लाना, अपने सहकर्मियों को धमकी देना, जल्दबाज़ी में कोई गलत कदम उठा लेना, स्वास्थ्य समस्याएं विकसित करना, या यहां तक ​​कि हिंसा का सहारा तक ले लेना। जो की बेहद ही गलत है और आपको इसे जल्द से जल्द सुधारना ही होगा, इसीलिए आज के इस लेख में मैं आपको How To Control Your Anger In Hindi? यानी कि आप अपने गुस्से को कंट्रोल कैसे कर सकते हैं? इसके बारे में कुछ बातें समझाने वाला हूं,

    जिससे की आपका अपने गुस्से (Anger) पर काबू कर सके और आप इसके जाल में फंसने से बच सके, और खुद को एक Peaceful Life दे सकें, लेकिन उससे पहले हमें यह जानना काफी जरूरी है की आख़िर गुस्सा (Anger) क्या होता है? और हमें छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा क्यों आ जाता है? तभी हम Apne Gusse Ko Kabu Mein Kaise Kare? इसके बारे में आगे जान पाएंगे,

    How To Control Your Anger in Hindi
    How To Control Your Anger in Hindi

    Table of Contents

    गुस्सा (Anger) क्या होता है? और हमें छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा क्यों आता है | What Is Anger & What Are The Reasons Of Anger In Hindi | गुस्सा आने का कारण क्या होता है? HINDI

    क्रोध को झुंझलाहट, नाराजगी या विरोध की भावना के रूप में परिभाषित (Define) किया जा सकता है। आप उस समय के बारे में सोचें जब आपको गुस्सा आया हो। यह आपकी Personal Situations के कारण हो सकता है, यह भी हो सकता है कि किसी ने आपको नुकसान पहुंचाया हो या आपको बहुत निराशा हुई हो क्योंकि आपके पास करने के लिए बहुत सारा काम था।

    या हो सकता है कि यह किसी ऐसी चीज से भी जुड़ा हो जो आपके साथ सीधे तौर पर नहीं हुई थी। हम सभी को समय-समय पर क्रोध (Anger) की भावना का अनुभव होता ही रहता है, लेकिन हम इस भावना (Emotion) को कैसे व्यक्त करते हैं, यह हर इंसान में भिन्न हो सकता है।

    आइए अब हम सब जान लेते हैं की आख़िर गुस्सा (Anger) आने का कारण क्या होता है? या फिर कहें तो What Are The Reasons Of Anger In Hindi

    आस-पास का वातावरण:

    क्रोध (Anger) आने का एक बहुत बड़ा Reason, गुस्सा (Anger) पैदा करने वाला वातावरण (Environment) है। अगर आप कम उम्र से ही गुस्सा (Anger) पैदा करने वाले Environment मे रहते आए हो, तो वैसी Situation के अंदर आप ज़्यादा गुस्सैल हो ही जाएंगे । जैसे की एक बच्चा ऐसे माहौल (Environment) के अंदर पला बड़ा है जहां बार बार उसकी खाने पीने की सामग्री को दूसरे बच्चे कब्ज़ा कर लेते हैं तो ऐसी Situation के अंदर उस बच्चे के अंदर इसका गलत प्रभाव पड़ेगा और Positive परिणाम मिलने पर उसके अंदर एक तरह की Aggressiveness उत्पन्न हो जाएगी और बाद मे वह गुस्से का रूप ले लेगी । यदि उसके बाद भी कोई उसकी किसी भी चीज को चुराएगा तो फिर वह और गुस्सा करेगा ।

    आसानी से Irritate हो जाना:

    काफी बार ऐसा देखा गया है की काफी सारे लोग ऐसे भी होते हैं जो काफी आसानी से या काफी जल्दी ही Irritate हो जाते हैं, ऐसे लोगों का अपनी जिंदगी में ज्यादा क्रोध करना लिखा होता है, क्योंकि अधिक चिड़चिड़ेपन की वजह से हमारे अंदर गुस्सा आने के Chances काफी अधिक बड़ ही जाते हैं।

    Negative और हिंसात्मक सोच:

    अधिक गुस्सा करने वाले लोगों के अंदर आप देख सकते हैं की उनकी सोच काफी ज्यादा Negative और थोड़ी हिंसात्मक हो जाती है, और इसी कारण से वे कभी भी कुछ अच्छा सोच ही नहीं सकते, और हमेशा इनका स्वभाव औरों से काफी अधिक Negative हो जाता है।

    अशांत व्यवहार:

    अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जो छोटी छोटी बातों पर भी अपना आपा खो बैठता है, तो आप समझ जाइए की उसके अंदर गुस्से का प्रकोप कूट कूट कर भरा हुआ है, क्योंकि ऐसे इंसान भी अपने आप पर किसी तरह का काबू नही कर पाते हैं और बहुत जल्दी ही क्रोध (Anger) करने लग जाते हैं।

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    बोलने से पहले सोचो:

    आज कल के गर्म माहोल में, कुछ ऐसा कहना बहुत आसान है जिसके लिए आपको बाद में पछताना पड़ेगा। कुछ भी कहने से पहले अपने विचार एकत्र करने के लिए कुछ समय ज़रूर निकालें, और उस स्थिति (Situation) में शामिल अन्य लोगों को भी ऐसा करने दें। क्योंकि बोल तो हम कुछ भी सकते हैं लेकिन उन शब्दों से पड़ने वाले परिणाम से हम लोग परिचित नहीं होते हैं।

    थोड़ा व्यायाम करें:

    Physical Activities तनाव को कम करने में काफी मदद कर सकती है जिससे आप अपने क्रोध को शांत भी कर सकते हैं। यदि आपको लगता है कि आपका गुस्सा (Anger) बढ़ रहा है, तो तब तेज गति से चलना या दौड़ना चालू कर दें, वैसे भी व्यायाम (Exercise) करने के फायदों के बारे में आज कौन नही जानता उसी तरह इसके काफी सारे फायदे आपको आपके गुस्से (Anger) को शांत करने के लिए भी मौजूद हैं।

    संभावित समाधानों (Solutions) की पहचान करें:

    जिस बात ने आपको दुखी किया, उस पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, इस मुद्दे को हल करने पर काम करें जिससे की आप दुखी हुए हैं। क्या आपके बच्चे का गन्दा कमरा आपको परेशान कर देता है? तो दरवाज़ा बंद करो। क्या आपका पार्टनर हर रात Dinner के लिए लेट हो जाता है? तो Evening के बाद में खाने का Time Fix कर लें, या Week में 1-2 बार अकेले खाने के लिए सहमत हों। खुद को याद दिलाते रहिए कि क्रोध (Anger) कुछ भी ठीक नहीं करेगा बल्कि इसे वो और खराब ही कर सकता है।

    अपने मन में द्वेष (Grudge) न रखें:

    क्षमा हमेशा से एक शक्तिशाली उपकरण रहा है। यदि आप क्रोध और अन्य Negative Emotions को बाहर निकालने की अनुमति देते हैं, तो आप खुद को अपनी कड़वाहट या अन्याय की भावना से निगल सकते हैं। लेकिन अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति को माफ कर सकते हैं जिसने आपको नाराज किया है, तो आप दोनों स्थिति से सीख सकते हैं और अपने रिश्ते को मजबूत कर सकते हैं।

    क्रोध से मुक्त होने के लिए हास्य (Humor) का प्रयोग करें:

    अगर आपको किसी ऐसे व्यक्ति का सामना करना पड़ रहा है जो आपको गुस्सा दिला रहा है तो उसका सामना करने में मदद करने के लिए आप हास्य (Humor) का उपयोग कर सकते हैं, और संभवतः, चीजों को कैसे जाना चाहिए, इसके लिए आपके पास कोई भी अवास्तविक अपेक्षाएं (Unrealistic Expectations) हैं। हालांकि, आपको व्यंग्य से बचकर रहना होगा क्योंकि यह भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है और चीजों को बदतर बना सकता है।

    Relaxation Skills का अभ्यास करें:

    जब आपका गुस्सा काफी अधिक बड़ जाता है, तो खुद को Normal करने के लिए Relaxation Skills डालें। जिसमें की आप गहरी साँस लेने के व्यायाम का अभ्यास करें, एक आराम के दृश्य की कल्पना करें, या एक शांत शब्द या वाक्यांश दोहराएं, जैसे की “Take It Easy” आप इस शब्द का इस्तेमाल कर सकते हैं या आप संगीत भी सुन सकते हैं, जर्नल में लिख सकते हैं या कुछ योग मुद्राएं कर सकते हैं विश्राम को प्रोत्साहित करने के लिए जो कुछ भी करना पड़ता है, वो सब करें।

    दूसरों पर Blame डालने से पहले खुद को देखे:

    आलोचना करने या किसी पर दोष लगाने से बचने के लिए जो केवल तनाव बढ़ा सकता है समस्या का वर्णन करने के लिए दूसरों से ज्यादा खुद को देखे की किसी Situation के लिए जिम्मेदार हम खुद तो नही, क्योंकि अक्सर हम लोग किसी भी खराब Situation का कारण अधिकतर दूसरों को ही बनाते रहते हैं जो की हर बार सही हो ऐसा नही हो सकता, इसीलिए हर Situation के लिए खुद को उसका उत्तरदायी बनाएं न की किसी ओर को।

    गुस्सा करने के क्या-क्या नुकसान होते हैं? | What Are The Disadvantages Of Anger In Hindi | Gusse Ke Nuksan

    दिमाग पर खराब असर पड़ना:

    गुस्सा आने पर आपके दिमाग में ऐसे Chemical Elements बनते हैं, जिनका आपके शरीर और आपके मन पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है। जो लोग ज्यादा गुस्सा(Anger) करते हैं उनमें Brain Stroke के Chances भी ज्यादा होते हैं। जो की आपके लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है इसीलिए आपको अपने गुस्से को Control करके इससे बचना चाहिए।

    Blood Pressure का बढ़ना:

    जब हम किसी भी तरह की बात को लेकर बहुत जल्द ही React करने लगते हैं तो धीरे-धीरे हमारे शरीर में Blood का संचालन तेजी से होने लगता है। जो आगे चलकर High B.P की बिमारी को जन्म दे देता है। इसीलिए जितना हो सके उतनी ही कम बातों पर एकदम से React करना छोड़ दें वरना इससे न केवल ये बल्कि इससे ओर भी कई बीमारियां तक उत्पन्न हो सकती हैं।

    Thinking Power कमज़ोर होना:

    अपने दिमाग पर काफी ज्यादा मात्रा में जोर डालने से इंसान के सोचने-समझने की Power कमजोर होती चली जाती है। जिसके चलते वह अपनी Life में दूसरों से हमेशा पीछे ही रह जाता है। और कभी भी आगे नहीं बड़ पाता, क्योंकि जो कुछ भी वह सोचना चाह रहा होता है या याद करना चाह रहा होता है, वह उसे नही कर पाता है।

    Stress का बढ़ना:

    छोटी-छोटी बातों पर क्रोध (Anger) करने से आप तनाव (Stress) और Depression के शिकार हो सकते हैं। जिसके चलते आप Happy रहने की जगह उदास (Sad) और मायूस रहने लगते हैं या फिर अपना क्रोध हमेशा औरों पर निकालने की Thinking रखने लगते हैं। जो की बेहद गलत है और हमें इसे यानी की अपने क्रोध को हमेशा खुद से कोसो दूर ही रखना चाहिए।

    निष्कर्ष:

    अंत में मैंने अब तक आपको आज के इस लेख में बता दिया है की आप अपने गुस्से को कंट्रोल कैसे करें? या कहें तो How To Control Your Anger In Hindi? जिन जिन लोगों को क्रोध (Anger) की समस्या रहती है या वे काफी जल्दी ही अपना पारा High कर लेते हैं तो वे सभी ही ऊपर बताई सभी बातों को अपना सकते हैं, और यकीन मानिए ये सभी बातें आपकी जिंदगी में खूब काम में आएंगी,

    इन्ही सब बातों के साथ आज का यह लेख बस यही तक ही था मुझे उम्मीद है की आपको इसमें बताई गई सभी बातें बेहद पसंद आई ही होंगी, इसीलिए आप अपनी सभी सलाह और सवाल अब मुझे नीचे Comment करके ज़रूर पूछ सकते हैं, मैं उन सभी के आपको स्टीक जवाब देने का पूरा प्रयत्न करूंगा।

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