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Dar Ko Kaise Dur Kare | Dar Ko Kaise Bhagaye?

    किसी भी चीज़ का डर (Fear) मानव के लिए सबसे शक्तिशाली भावनाओं में से एक होता है। जिसका की आपके मन और शरीर पर बहुत ही गहरा प्रभाव पड़ता है। क्या आप भी उन लोगों में से हैं जिन्हे फेल होने का डर रहता हो (असफलता का डर), परीक्षा का डर, अपने भविष्य को लेकर डरना, किसी को खोने का डर, अपमान का डर, भीड़ वाली जगह से डरना, कोई भी नया काम शुरू करते वक्त या फिर किसी नए इंसान से बात करने में डर लगता है? और इस Dar Ko Kaise Dur Kare या कहें तो How To Overcome Your Fear In Hindi के बारे में जानकर अपने इस डर को हमेशा के लिए खत्म करना चाहते हैं तो इस लेख को आगे पढ़ते रहिए, क्योंकि इसी में आपको Apne Dar Ko Kaise Dur Kare इसका एक बेहतर हल मिलने वाला है, और मैं आपको बता दूं कि इस तरह का डर सिर्फ आपको ही नही लगता है बल्कि लगभग हम सभी ही ऐसे है जिन्हे अपनी जिंदगी में किसी न किसी बात का डर लगता ही है,

    इसीलिए आज के इस लेख Dar Ko Kaise Dur Kare में मैं आपको काफी असरदार तरीके बताने वाला हूं जिनसे की आप अपने अंदर के डर (Fear) को काफी आसानी से दूर कर सकते हैं, तो आइए शुरू करते हैं लेकिन उससे पहले समझ लेते हैं की आखिर ये Dar Kise Kahate Hain? क्योंकि तभी हम इसका सही Solution समझ सकते हैं,

    Dar Ko Kaise Dur Kare
    Dar Ko Kaise Dur Kare

    Dar Kise Kahate Hain Aur Humein Ye Kyun Lagta Hai | What Do You Mean By Fear | What Is Fear?

    डर जिसे हम Fear भी कहते हैं, असल में ये एक ऐसी Situation होती है जो हमारे अंदर के Mood के रूप में सामने आता है. अलग अलग परिस्थितियों में हमारे मन और शरीर की Situation अलग अलग हो सकती हैं. जैसे ही हमारे Mind से हमारे शरीर को संकेत मिलता है की किसी प्रकार का कोई खतरा हो सकता है तो हमें हमारा शरीर अपनी अलग प्रतिक्रियाएं देने लग जाता है।

    जैसे की आप अक्सर देखते होंगे – हाथ पैरों का कांपना, सांस भारी होने लगना, दिल की धड़कनों का तेज हो जाना और कभी-कभार तो चक्कर तक का आ जाना। इन शारीरिक लक्षणों की वजह से हमारी Mental Health भी कमजोर हो जाती है, हमें ऐसा लगने लगता है की मानो जैसे हम अब कुछ कर ही नहीं पायेंगे और हमें अपनी ऐसी Situation से बचने के लिए कहीं दूर भाग जाना चाहिए।

    इसी Situation को हम अपने अंदर का डर (Fear) कह सकते हैं, लेकीन क्या आप जानते हैं की इस डर के परिणाम [Consequences (Results) of Fear] क्या क्या हो सकते हैं? अगर नही तो आइए जानते हैं,

    डर को भगाने के असरदार तरीके | Best Ways To Overcome Your Fear | Dar Ko Dur Karne Ke Liye Kya Karen? In HINDI

    डर के कारण को ढूंढकर उस पर काम करना शुरू करो:

    जब भी हमें किसी प्रकार का कोई डर (Fear) लगता है तो उसके पीछे कोई ना कोई वजह तो जरूर होती ही है, जिसके बारे में बार बार सोच सोचकर हमारा Mind काफी परेशान होता जाता है और हमारा दिल भी तेज़ी से धड़कने लग जाता है. इसीलिए इसमें ठीक यही रहेगा की आप इसके पीछे के असल कारण को ढूंढ निकालिए और उसको दूर करने में लग जाइए, कोशिश ये कीजिए की आप अपने उस डर के कारण को ढूंढकर उसे Overcome कर सके, ना की उससे डर कर बैठ जाएं।

    अपनी कल्पना को सकारात्मक तरीके से उपयोग करें:

    एक कल्पना काफी अद्भुत चीज होती है। यह आपको शक्ति, रचनात्मकता और यह आपकी Situation के बाहर सोचने की क्षमता देती है। दुर्भाग्य से, एक Active Imagination काफी हानिकारक उपकरण हो सकती है जब यह आपको नकारात्मक चीजों के बारे में सोचने का कारण बनती है। आपकी कल्पना आपके डर को बढ़ा सकती है, जिससे आपकी स्थिति वास्तव में जितनी है उससे कहीं ज्यादा खराब लगती है।

    इसीलिए अपनी कल्पना को डर के अंधेरे गलियारों में ले जाने देने के बजाय, डर पर काबू पाने के लिए इसका इस्तेमाल Positive Way में करें। फिर देखिएगा की इससे आपको कितना फायदा मिलता है।

    दुःख पर ध्यान दोगे दुखी रहोगे
    सुख पर ध्यान दो सुखी हो जाओगे
    जैसे पर ध्यान दोगे वैसे ही हो जाओगे

    भगवान पर भरोसा रखो:

    जिसे भगवान पर भरोसा नहीं होता वो लोग डरते है जो लोग भगवान पर भरोसा करते है वो लोग चाहे कितनी भी ख़राब परिश्थिति आये चाहे कुछ भी हो जाये पर कभी नहीं डरते क्यूंकि उन्हें भगवान पर पूरा भरोसा होता है की भगवान हमेसा उसके साथ है

    ईश्वर में आस्था है
    तो उलझनों में भी रास्ता है

    Future से ज्यादा Present पर अधिक ध्यान दें:

    कोई भी व्यक्ति हो जो अपने Future को लेकर के बहुत ही अधिक चिंता करता है, वो अपने अंदर धीरे धीरे कई तरह के डर समाने लग जाता हैं. हालांकि उसे खुद को भी यह अहसास नहीं हो पाता है की वो जो छोटी मोटी कई तरह की बातों की चिंता करने लगता है वास्तव में वही उसमें सबसे ज्यादा डर (Fear) को पैदा करने लग जाती है। इसीलिए आपको करना सिर्फ इतना है की आप अपने Future की जगह अपने आज पर यानी की अपने Present पर अधिक ध्यान देने लग जाओ। जिससे आपको अधिक चिंता भी नही सताएगी।

    खुद को किसी भी गलत काम में शामिल ना करें:

    अब आपको मैं एक बहुत ही अच्छी बात बताता हूं, की यदि आप कोई भी गलत काम करते हैं या उसमें खुद की भागीदारी शामिल रखते हैं, जैसे किसी का दिल दुखाते हैं, या फिर किसी का कोई किसी भी प्रकार का नुकसान करते हैं तो आप तो यह सोचना ही छोड़ दीजिये की आप अपने डर को कैसे दूर कर सकते हैं? क्योंकि ऐसी Situation में ऐसा हो ही नही सकता है, और हर पल आपका मन घबराया हुआ और डरा हुआ ही महसूस करेगा, इसीलिए आपकी भलाई इसी में ही है की आप अपने इन गलत कामों से खुद को दूर ही रखें और खुश रहें।

    अपने चिकित्सक के रूप में प्रकृति (Nature) का प्रयोग करें:

    एक चिकित्सक से बात करना आपके डर और चिंता को दूर करने का एक शानदार तरीका है। हालाँकि, आप हमेशा अपने चिकित्सक के Office में नहीं हो सकते हैं। इसके बजाय बाहर टहलने की कोशिश करें! पार्कों, Backyards या जहाँ कहीं भी कुछ हरा-भरा वातावरण आपको मिले, वहाँ पाया जाने वाला प्राकृतिक सौंदर्य हर प्रकार के डर और चिंता के लक्षणों को कम करने में मदद करता है।

    प्रकृति (Nature) लोगों को शांत करती है, तनाव के स्तर को कम करती है और आपके Mood को चिंता से आराम में बदल देती है।

    मरने का डर:

    कई लोग होते है जिसे ज्यादा बहुत लंबा जीने का मन होता है उसे हर वक्त मरने का डर लगा रहता है जैसे की में कब मरूंगा, में कैसे मरूंगा, मरते वक्त मुझे कितनी पीड़ा होगी, ऐसा करूँगा तो में मर जाऊंगा, ऐसा करूँगा तो में थोड़ा और जी लूंगा इस तरह मरने से डरना एक बात आप समझ लीजिए जो आया है वो जायेगा जो जन्मा है वो मरेगा भी इस दुनिया में कोई भी अमर नहीं है अकेले आये थे और अकेले ही जायेंगे इस लिए ज्यादा किसी से लगाव भी ना रखे

    आप उसकी फिक्र करते हो जो आपके हाथ में है ही नहीं चाहे आप कुछ भी कर लो मरना तो एक दिन सबको है आपको पता भी नहीं चलेगा कब आपकी मौत हो जाएगी इस लिए मौत का स्वीकार कीजिये की एक दिन मरना ही है और आनंद से अपनी जिंदगी जिए जरा सी भी चिंता या डर रखे बिना और कुछ ऐसा कर जाओ कि आपके जाने के बाद भी लॉग आपको याद करे

    जिंदगी चाहे चार दिन की हो
    या फिर एक दिन की
    पर उसे ऐसे जियो की जिंदगी को लगे
    कि उसे आप मिले हो
    वो आपको नहीं

    अपने मन-पसंद के कामों में अधिक ध्यान लगाने लग जाएं:

    यदि आप भी अपने डर को बिल्कुल जड़ से खत्म करना चाहते हैं तो जो भी आपके मन पसंद काम हैं उन्हे करना शुरू कर दें और उनमें अपना ध्यान अधिक लगाने लग जाएं, क्योंकि ऐसा करने पर आपका Mind दुनिया भर की चिंता और डर से आपको Free कर देगा और आप अलग ही प्रकार की खुशी का अनुभव कर पाएंगे, फिर वो काम बेशक कोई भी हो सकता है अगर आपको Music सुनना अच्छा लगता है तो उसे सुनिए, Video Games में रुचि है तो उसे खेल सकते हैं। या अन्य किसी कार्य में अधिक Interest है तो उसे भी जरूर कर सकते हैं।

    जिससे डर लगे वही करो:

    हम मन में काफी तरह की चीजें सोचकर मन में रख लेते है कुछ भी करने से ही पहले ऐसा होगा, वैसा होगा, लोग क्या कहेंगे, में अकेला नहीं कर सकता, में हार जाऊंगा, फेल हो जाऊंगा या कुछ और गलत चीजे सोच लेते है जिससे हम डरने लगते है तो इस डर को ख़त्म करने के लिए जिस चीज को करने में डर लगता है वही काम करे जिससे आपको पता चलेगा के जितना आप डर रहे थे जितना गलत आपने सोचा था जितना डर रहे थे वास्तव में वैसा कुछ हुआ ही नहीं जिससे आपका कॉन्फिडेंस धीरे धीरे बढ़ेगा और आपका डर धीरे धीरे ख़त्म हो जायेगा

    खुद को Reward दो:

    अंत में, जब आप कुछ अच्छा या अपनी पसंद का कोई भी काम करें तब अपने आप को एक इनाम (Reward) ज़रूर दें। जिससे की आपके अंदर आत्मविश्वास और अधिक बढ़ेगा और अंदर का डर (Fear) भी जल्द से जल्द खत्म हो जाएगा, उदाहरण के लिए, Reward के रूप में अपने आप को Massage दे सकते हैं, कहीं पर घूम कर या सैर कर सकते हैं, अपनी पसंद का खाना, कोई पसंद की किताब, या कोई भी छोटे-मोटे उपहार जो आपको खुश कर सकते है।

    डर को छोड़ो और जो करना चाहते हो वो करने में लग जाओ वर्ना एक दिन ऐसा आएगा की आपको इस बात का बहोत पछतावा होगा की कास उस वक्त में हिम्मत कर लेता तो आज ये ना होता और खुद के ऊपर शर्म आएगी इस लिए लाइफ में कभी भी डरना नहीं चाहिए हिम्मत से डर का सामना करो

    जो गिरने से डरते है
    वो कभी उड़ान नहीं भर सकते

    पृथ्वी पर कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं है
    जिसको समस्या न हो
    और पृथ्वी पर कोई समस्या ऐसी नहीं है
    जिसका कोई समाधान न हो
    मंजिल चाहे कितनी भी ऊँची क्यूँ न हो
    रास्ते हमेशा पैरों के नीचे ही होते है

    हर पल पे तेरा ही नाम होगा
    तेरे हर कदम पर दुनिया का सलाम होगा
    मुशिकिलो का सामना हिम्मत से करना
    देखना एक दिन वक़्त भी तेरा गुलाम होगा

    मंज़िल उन्ही को मिलती है
    जिनके इरादे मजबूत होते है
    वर्ना सपने तो बहुतो ने देखे होते है

    एक सपना अगर चकनाचूर हो जाये
    तो दूसरा सपना देखने का हौसला रखो
    इसे ही जिंदगी कहते हैं

    आये हो निभाने को जब किरदार जमीन पर
    कुछ ऐसा कर चलो कि ज़माना मिसाल दे

    Dar Ke Parinaam Kya Kya Ho Sakte Hain | What Are The Consequences (Results) Of Fear | डर के परिणाम [HINDI] | डर के क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं?

    डर (Fear) को हम एक ऐसी Mental Condition कह सकते है जो हमें कभी अपनी Life में आगे बढ़ने नहीं देती है। क्योंकी डरा हुआ इंसान किसी भी हालत में कभी Successful नहीं हो सकता है। डरा हुआ इंसान कभी भी कोई किसी प्रकार का निर्णय नहीं ले पाएगा, वह हर पल बस इसी चीज में खोया रहेगा की यदि उसने आगे बड़ने के लिए कोई नया कदम उठाया तो वह Fail हो जाएगा या अन्य कोई परेशानी उसके आगे खड़ी हो जाएगी, 

    यह इंसान का डर (Fear) ही होता है जो उसे कुछ भी नया करने से हमेशा रोकता आता है, क्योंकी Failure का डर, अपमानित होने का डर, या फिर लोग क्या कहेंगे इस बात का डर इंसान को उठने ही नहीं देता है डर अपने अंदर की खूबी को कभी भी लोगों के सामने नहीं आने देता। डरा हुआ इंसान हमेशा खुद अपने आप को हताश करता है और गलत निर्णय ले लेता है।

    निष्कर्ष:

    तो ये था आज का लेख Dar Ko Kaise Dur Kare जिसके अन्दर मैंने आपको बताया की आप अपने डर (Fear) को कैसे खत्म कर सकते हैं? जिसमें की आपने समझा की आप अपने अंदर मौजूद डर (Fear) को असरदार तरीकों से कैसे दूर कर सकते हैं जो बेहद ही कारगर साबित होंगे,

    इन्ही सब बातों के साथ यह लेख मैं यही खत्म करता हूं आप अपने सभी राय या सवाल मुझसे Comment करके पूछ सकते हैं, मैं आपके सभी सवालों के सटीक जवाब देने का पूरा प्रयत्न करूंगा।

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